Sunday, October 2, 2022
Home राज्य बिहार बिहार में मिली मखाने की नई किस्म, साल में होंगी दो फसलें

बिहार में मिली मखाने की नई किस्म, साल में होंगी दो फसलें



मखाने के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध कोसी-सीमांचल के इलाके के लिए खुशखबरी है। अब किसान साल में मखाने की दो फसलें तैयार कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। अभी मखाने की एक ही फसल हो पाती है, जिस कारण अधिकांश समय पनहर खाली रहते हैं।

पूर्णिया स्थित भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय साल में दो बार खेती करने के लिए मखाने की नई किस्म जीनो टाइप-41 तैयार कर रहा है। इस नई किस्म को लेकर महाविद्यालय द्वारा पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, किशनगंज और कटिहार के किसानों को प्रशिक्षण भी दिया गया है

पिछले साल ही महाविद्यालय द्वारा सबौर मखाना-1 किस्म भी विकसित की गई थी, जिसका अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और सहरसा में किया गया है। कोसी के इलाके में पानी की अधिकता के कारण मखाने की खेती की जाती है। यहां के मखाने की विदेश में भी अधिक मांग है। साल में एक बार फरवरी से मार्च के बीच यहां मखाने की फसल लगाई जाती है।

बारिश के दिनों में पानी की अधिकता होने के बावजूद यहां मखाने की खेती नहीं हो पाती है। जीनो टाइप-41 किस्म के विकसित होने के बाद किसानों की यह समस्या दूर हो जाएगी। इसका एक ट्रायल हो चुका है। मखाना अनुसंधान परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि इसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं। फरवरी के अलावा जुलाई में भी इसकी बोवाई की जा सकेगी।

यह फसल दिसंबर में निकाली जा सकती है। मखाने की देसी किस्म का उत्पादन जहां 20-21 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है, वहीं इसका उत्पादन 35-36 ङ्क्षक्वटल प्रति हेक्टेयर होगा। देसी किस्म की तुलना में 35-40 फीसद अधिक लावा भी इससे निकलेगा।

मखाना एक उत्तम खाद्य होने के साथ-साथ कई रोगों के लिए फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन एवं स्टार्च भरपूर मात्रा में होता है। वसा की कम मात्रा होने के कारण विकसित देशों में इसकी काफी मांग है। वहां मोटे लोगों के लिए यह उत्तम आहार माना जाता है। कोसी के इलाके में स्थिर पानी वाले जलाशयों के कारण इसके उत्पादन की व्यापक संभावना है।






LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

5 कारें जो बन सकती हैं आपकी पहली पसंद: माइलेज, मेंटेनेंस से सेफ्टी रेटिंग तक, आपके बजट पर खरी उतरेंगी ये कारें; अभी ट्राइबर...

5 कारें जो बन सकती हैं आपकी पहली पसंद: माइलेज, मेंटेनेंस से सेफ्टी रेटिंग तक, आपके बजट पर खरी उतरेंगी ये कारें;...

महंगाई का मार: इस महीने अब तक 7वीं बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल 103.54 और डीजल 92.12 रुपए पर पहुंचा

महंगाई का मार: इस महीने अब तक 7वीं बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल 103.54 और डीजल 92.12 रुपए पर...

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी LIVE: रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, रेपो रेट 4% पर और रिवर्स रेपो रेट 3.35%...

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी LIVE: रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, रेपो रेट 4% पर और रिवर्स रेपो...

लालू की पाठशाला: पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- आंदोलन करो-जेल भरो, मुकदमा से मत डरो

लालू की पाठशाला: पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- आंदोलन करो-जेल भरो, मुकदमा से मत डरो   सार लालू प्रसाद मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के...

Recent Comments