Monday, May 23, 2022
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नीतीश के नेतृत्‍व में बन रही विश्‍व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला, विरोध में सड़क पर तेज प्रताप

बिहार में जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के खिलाफ रविवार को विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाई जा रही है। पूर्वाह्न 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आधे घंटे तक जब 4.27 करोड़ से अधिक लोग एक-दूसरे का हाथ थामेे खड़े होंगे, तब 2018 का अपना ही पुराना विश्‍व रिकार्ड तोड़ देंगे। इसके पहले 2017 में शराबबंदी अभियान को सफल बनाने के लिए बिहार में 11292 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी, जिसके रिकार्ड को बिहार वासियों ने दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13654 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर तोड़ा था। इस मानव श्रृंखला के खिलाफ लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव पूवाह्न 11 बजे सड़क पर उतरने जा रहे हैं। वे अलग से मानव श्रृंखला बना रहे हैं।

मानव श्रृंखला  को सफल बनाने के लिए तैयारियांं पूूूूरी की जा चुकी हैंं। राज्य सरकार इसका डाक्यूमेंटेशन भी करा प्रमाण स्वरूप वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सौंपेेेगी। इसके लिए 15 हेलीकॉप्टर एरियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करेंंगे। लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स के  प्रतिनिधि  भी आमंत्रित किए गए हैैं। 

मुख्य केंद्र पटना का गांधी मैदान

प्रदेश भर की मानव श्रृंखला का मुख्य केंद्र पटना का गांधी मैदान होगा। गांधी मैदान से चार दिशाओं में मानव श्रृंखला का जुड़ाव होगा। यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा एवं यूनाइटेड नेशंस के प्रतिनिधि अतुल बगाई समेत अन्य मंत्री व आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। गांधी मैदान में मानव श्रृंखला बिहार के नक्शे पर बनेगी।

09.45 बजे: मानव श्रृंखला के खिलाफ है राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी)। इसके विरोध में छात्र आरजेडी आज 11 बजे आरजेडी कार्यालय से भारतीय जनता पार्टी कार्यालय तक अलग से मानव श्रृंखला बनाएगी। लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव इसका नेतृत्व करेंगे।

09.31 बजे: मानव श्रृंखला के रूट पर सुबह छह बजे से अपराह्न 2.30 बजे तक के लिए बड़े वाहनों का परिचालन बंद। जिन रूटों पर मानव श्रृंखला बनायी जा रही है, और जिनपर डिवाइडर नहीं है, वहां सुबह 9.30 बजे से अपराह्न एक बजे तक निजी वाहन नहीं चलेंगे। जहां डिवाइडर हैं, वहां दूसरे लेन या वैकल्पिक मार्ग से वाहनों का परिचालन जारी रहेगा। जिन मार्गों पर मानव श्रृंखला नहीं बनाई जाएगी, उनपर परिचालन पहले की भांति जारी रहेगा।

09.30 बजे: एंबुलेंस व अन्‍य मरीज वाहन, पानी टैंकर, एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन जाने वाले वाहनों को टिकट व पास दिखाने पर राहत दी जा रही है। न्यायिक अधिकारियों को भी नहीं रोका जा रहा है।

09.20 बजे: मानव श्रृंखला को ले निकलने लगे जेडीयू कार्यकर्ता। खगड़िया में मानव श्रृंखला को लेकर जेडीयू जिलाध्यक्ष व विधान पार्षद सोनेलाल मेहता के नेतृत्व में रवाना।

08.00 बजे: मानव श्रृंखला को लेकर बिहार के स्‍कूलों में बच्‍चों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

07.30 बजे: मानव श्रृंखला को ले पटना के गांधी मैदान में सुबह से ही चहल-पहल जारी है। वहां तैयारियों का अंतिम जायजा लिय जा रहा है।

सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था

सरकार ने मानव श्रृंखला के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक की चाक-चौबंद व्यवस्था की है। इसके मद्देनजर मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने सभी जिलों को विशेष हिदायतें दी हैं। हर जिले में आकस्मिक सेवाओं को बहाल रखा गया है। मानव श्रृंखला के दौरान एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम, पेयजल हेतु वाटर टैंकर के अलावा चलंत और अस्थायी शौचालयों के भी इंतजाम किए गए हैं।

शनिवार को सभी जिलों से प्राप्त सूचना के आधार पर मानव श्रृंखला की कुल लंबाई 16419.31 किमी होगी। इसमें मुख्य मार्गों पर 4972.9 किमी तथा उप मार्गों पर 10390.41 किमी की लंबाई होगी। जबकि, अन्य मार्गों पर 285 किमी लंबाई होगी। सभी सरकारी विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के अलावा प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी और शिक्षक भी मानव श्रृंखला में शामिल होंगे। निजी विद्यालयों के करीब 30 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी की संभावना है।

सीमावर्ती राज्‍यों व नेपाल तक मानव श्रृंखला

शिक्षा विभाग ने पडोसी राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के अलावा नेपाल की सीमाओं तक मानव श्रृंखला बनाने की व्यवस्था की है। पूर्व में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक में सभी डीएम को यह निर्देश दिया था कि पड़ोसी प्रदेशों की सीमाओं को मानव श्रृंखला अवश्य छुए। इसीलिए कुछ इस तरह की व्यवस्था की गई है कि बिहार के पड़ोसी राज्यों के अलावा नेपाल की  सीमाओं तक मानव श्रृंखला का संदेश जाए। इससे पहले भी 2017 में शराबबंदी के समर्थन में और 2018 में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जो ऐतिहासिक मानव श्रृंखलाएं बनी थीं, उनमें पड़ोसी प्रदेशों तथा नेपाल देश की लगती सीमाओं तक मानव श्रृंखला बनायी गयी थी।

पौराणिक व सांस्कृतिक स्थलों भी जुड़ेगी मानव श्रृंखला

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के मुताबिक राज्य के सभी पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर भी मानव श्रृंखला बनेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के आलोक में बोधगया, विद्यापति नगर (समस्तीपुर), जानकी स्थल (सीतामढ़ी), भितरहवा के गांधी आश्रम और लखनसेन बड़हरवा, जहां महात्मा गांधी ने बुनियादी विद्यालय की स्थापना की थी और केसरिया (बौद्ध स्तुप) समेत अन्य पौराणिक व सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को मानव श्रृंखला से जोडऩे का आदेश दिया गया है।

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